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5th Day of Navratri - Worship Maa Skandamata

5th Day of Navratri - Worship Maa Skandamata On the 5th day of Navratri, Maa Skandamata is worshiped. Skanda is another name for Kartikeya and Mata means mother. In other words, she is the mother of Lord Kartikeya. She is known to bless her devotees with power, salvation, prosperity, and treasures and can grant wisdom to the most illiterate person provided he worships her. When someone worships her, Lord Skanda, who is on her lap is also worshiped and devotee gets the dual blessings of the son and mother. She is also known as the Goddess of Fire. She has four arms and rides a lion. She carries water material, a bell, and lotus. She is seated on a lotus and is also known as the Goddess with a lotus seat.Maa Skandamata Puja Vidhi Place the Goddess's idol or picture on a table and clean that place. Sprinkle ganga jal. Keep a pot made out of brass or sand and place a coconut above it. On the same table, keep Lord Ganesha, Lord Varun, Navagraha and all the other Gods and Goddesses. Afte...

Chaitra Navratri 4th Day 2023

चैत्र नवरात्रि का चौथा दिन आज, जानें मां कूष्‍मांडा के पूजन का शुभ मुहूर्त, विधि, भोग व शुभ रंग शास्‍त्रों में मां कूष्मांडा को अष्टभुजा देवी के नाम से भी संबोधित किया गया है. इनके हाथों में धनुष, बाण, चक्र, गदा, अमृत कलश, कमल और कमंडल सुशोभित है. मां कूष्‍मांडा की पूजा करने से दुख, रोग और शोक का नाश होता है.  आज चैत्र नवरात्रि का चौथा दिन है. इस दिन मां कूष्‍मांडा की पूजा की जाती है. मां कूष्‍मांडा को सौरमंडल की अधिष्‍ठात्री देवी माना जाता है. माना जाता है कि मां कूष्‍मांडा ने ही पिंड से लेकर ब्रह्मांड तक का सृजन किया था. मान्‍यता है कि मां कूष्‍मांडा की पूजा करने से दुख, रोग और शोक का नाश होता है. आइए जानते हैं मां कूष्‍मांडा की पूजा का शुभ मुहूर्त, पूजा विधि, भोग और शुभ रंग. मां कूष्‍मांडा का स्‍वरूप शास्‍त्रों में मां कूष्मांडा को अष्टभुजा देवी के नाम से भी संबोधित किया गया है. इनके हाथों में धनुष, बाण, चक्र, गदा, अमृत कलश, कमल और कमंडल सुशोभित है.आठवें हाथ में वे सभी सिद्धियों और निधियों को देने वाली जप माला धारण करती हैं. शास्‍त्रों में बताया गया है कि जब सब जगह अंधकार ही अंध...

Chaitra Navratri 3rd Day 2023

इन दिनों चैत्र नवरात्रि के व्रत रखे जा रहे हैं. नवरात्रि के दिनों में हर दिन देवी के अलग-अलग रूपों की पूजा करने का विधान है. आज 24 मार्च को नवरात्रि का तीसरा दिन है. इस दिन माता चंद्रघंटा की पूजा की जाती है. माता चन्‍द्रघंटा का स्वरूप सौम्य और तेजवान है. इनके सिर पर घंटे के आकार का चंद्रमा है, इसलिए इन्हें चन्‍द्रघंटा कहा जाता है. यहां जानिए माता चंद्रघंटा के स्‍वरूप का वर्णन, उनकी पूजा का शुभ मुहूर्त, पूजा विधि, भोग और शुभ रंग. ऐसा है माता चंद्रघंटा का रूप  माता चन्‍द्रघंटा का स्‍वरूप साहस, वीरता और निर्भयता का प्रतीक है. उनका शरीर स्‍वर्ण की तरह चमकीला है और मस्तक पर घंटे के आकार का अर्धचंद्र बना है. उनके दस हाथ हैं. हाथों में वे त्रिशूल, तलवार, खड्ग और गदा आदि शस्‍त्र धारण करती हैं और बाघ की सवारी करती हैं. पौराणिक कथा के अनुसार दैत्यों और असुरों के साथ युद्ध में देवी ने घंटों की टंकार से ही असुरों का नाश कर दिया था. माता की पूजा का शुभ मुहूर्त चैत्र मास के शुक्‍ल पक्ष की तृतीया तिथि 3 मार्च 2023 की शाम 06.20 से शुरू हो चुकी है और 24 मार्च 2023, शाम 04.59 बजे समाप्‍त होगी. आज पू...

Chaitra Navratri 2023 Day 2 Maa Brahmacharini Puja vidhi

चैत्र नवरात्रि का दूसरा दिन मां दुर्गा की दूसरी शक्ति मां ब्रह्मचारिणी को समर्पित है. 23 मार्च 2023 को मां ब्रह्माचारिणी की पूजा होगी. मां ब्रह्मचारिणी की पूजा से संयम और त्याग की भावना जागृत होती है, जो लक्ष्य प्राप्ति के लिए बहुत महत्वपूर्ण है. हजारों वर्षों तक अपनी कठिन तपस्या के कारण ही इनका नाम तपश्चारिणी या ब्रह्मचारिणी पड़ा. मां ब्रह्मचारिणी ने कई वर्षों तक निराहार रहकर और अत्यन्त कठिन तप से महादेव को प्रसन्न कर लिया. आइए जानते हैं चैत्र नवरात्रि के दूसरे दिन का मुहूर्त, शुभ योग और मां ब्रह्मचारिणी की पूजा विधि. चैत्र नवरात्रि 2023 दूसरे दिन का मुहूर्त (Maa Brahmacharini Puja muhurat) चैत्र शुक्ल द्वितीया तिथि समाप्त - 23 मार्च 2023, रात 06.20 शुभ (उत्तम मुहूर्त) - सुबह 06.22 - सुबह 0754 लाभ (उन्नति मुहूर्त) - दोपहर 12.28 - दोपहर 01.59 चैत्र नवरात्रि 2023 दूसरे दिन के शुभ योग (Chaitra Navratri 2023 Day 2 Shubh yoga) इंद्र योग - 23 मार्च, सुबह 06.16 - 24 मार्च, सुबह 03.43 सर्वार्थ सिद्धि योग - पूरे दिन मां ब्रह्मचारिणी की पूजा विधि (Maa Brahmacharini Puja vidhi) चैत्र नवरात्रि के...

Chatra Navratri 2023 1st Day Maa Shailputri Puja Vidhi By Bk Shastri Ji

  चैत्र नवरात्रि 22 मार्च से शुरू हो रही है। इस दौरान 9 दिनों तक मां दुर्गा के नौ अलग-अलग स्वरूपों की आराधना की जाती है। पहले दिन माता के पहले स्वरूप यानी मां शैलपुत्री की पूजा होती है। माता शैलपुत्री को करुणा, ममता और स्नेह का स्वरूप माना गया हैं। इनका स्वरूप बेहद सरल और सौम्य हैं। उन्हें पहाड़ों की पुत्री के नाम से भी जाना जाता है। मान्यता है कि नवरात्रि में मां की सच्चे मन से पूजा करने पर मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है। सारी समस्याओं का हल मिलता है। तो आइए नवरात्रि के पहले दिन की कथा, मंत्र आरती और पूजा विधि जान लेते हैं। मां शैलपुत्री व्रत कथा (Maa Shailputri Vrat Katha In Hindi) पौराणिक कथा के अनुसार, मां शैलपुत्री (मां सती) राजा दक्ष की पुत्री थी। एक बार राजा दक्ष ने अपने राजमहल में एक यज्ञ का आयोजन रखा था। इस यज्ञ में उन्होंने सभी देवी-देवताओं को बुलाया था। लेकिन अपने अपमान का बदला लेने के लिए उन्होंने अपनी पुत्री के पति यानी भगवान शिव को ही उस यज्ञ में नहीं बुलाया था। जब माता सती ने भगवान शिव को अपने पिता द्वारा आयोजित यज्ञ में जाने की बात कहीं, तो भगवान ने उन्हें उस यज्ञ...

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