Karwa Chauth 2022 Upay : कार्तिक कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को महिलाओं द्वारा अपने पति की लंबी उम्र के लिये करवाचौथ का व्रत किया जाता है और चांद देखकर व्रत का पारण किया जाता है। आज के दिन चन्द्रोदय शाम 7 बजकर 53 मिनट पर होगा। करवाचौथ के इस व्रत को करक चतुर्थी या दशरथ चतुर्थी के नाम से भी जाना जाता है। आज शिव जी, गणेश जी और स्कन्द, यानी कार्तिकेय के साथ बनी गौरी के चित्र की सभी उपचारों के साथ पूजा की जाती है और चन्द्रोदय होने के बाद चन्द्रमा को अर्घ्य देकर व्रत का पारण किया जाता है। आज के दिन भगवान शिव, माता गौरी और गणेश जी की पूजा का विधान है। आज के दिन पूजा के लिए घर के उत्तर- पूर्व दिशा के कोने को अच्छे से साफ करके, लकड़ी का पाटा रखकर उस पर शिवजी, मां गौरी और गणेश जी की प्रतिमा, तस्वीर या चित्र रखने चाहिए। बाजार में करवाचौथ की पूजा के लिये कैलेण्डर भी मिलते हैं, जिस पर सभी देवी-देवताओं के चित्र बने होते हैं। इस प्रकार देवी-देवताओं की स्थापना करके पाटे की उत्तर दिशा में एक जल से भरा लोटा या कलश स्थापित करना चाहिए और उसमें थोड़े-से चावल डालने चाहिए। अब उस पर रोली, चावल का टीका लगाना चा...