होली के अदभुत प्रयोग / उपाय (Holi Remedies By BK Shastri Ji) होली पर्व का शास्त्रोक्त वर्णन हमने पिछले पोस्ट में किया है। होली की रात्रि दारुणरात्रि कहलाती है और इस रात्रि विशेष साधनायें, कष्ट निवारण उपाय किये जाते हैं। गृहस्थ में रहने वाले व्यक्ति के लिए कुछ विशेष और अद्भुत उपाय यहाँ उपस्थित किये हैं उपाय By BK Shastri Ji होली की पूजा मुखयतः भगवान विष्णु (नरसिंह अवतार) की कृपा प्राप्त करने, ढोंढा नामक राक्षसी का नाश करने, काम का दहन करने के उद्देश्य से की जाती है । घर के प्रत्येक सदस्य को होलिका दहन में देशी घी में भिगोई हुई दो लौंग, एक बताशा और एक पान का पत्ता अवश्य चढ़ाना चाहिए। पुराणों के अनुसार बिजौरा, धान का लावा, नींबू के फल तथा घी मिश्रित दूध डालना चाहिए। होलिका भस्म का वंदन करें जिससे हमारे सारे दुःख दूर होते हैं। होलिका दहन के पश्चात गिलोय की टहनी का रस निकालकर 100 ग्राम रस में 30 ग्राम शहद मिलाकर हवन में उपस्थित लोगों को पान कराना जिससे वर्ष पर बुखार और दूसरी व्याधि ना हो। भविष्यपुराण और नारदपुराण के अनुसार होलिका में रक्षोघ्र मन्त्रों से अ...