इन दिनों चैत्र नवरात्रि के व्रत रखे जा रहे हैं. नवरात्रि के दिनों में हर दिन देवी के अलग-अलग रूपों की पूजा करने का विधान है. आज 24 मार्च को नवरात्रि का तीसरा दिन है. इस दिन माता चंद्रघंटा की पूजा की जाती है. माता चन्द्रघंटा का स्वरूप सौम्य और तेजवान है. इनके सिर पर घंटे के आकार का चंद्रमा है, इसलिए इन्हें चन्द्रघंटा कहा जाता है. यहां जानिए माता चंद्रघंटा के स्वरूप का वर्णन, उनकी पूजा का शुभ मुहूर्त, पूजा विधि, भोग और शुभ रंग. ऐसा है माता चंद्रघंटा का रूप माता चन्द्रघंटा का स्वरूप साहस, वीरता और निर्भयता का प्रतीक है. उनका शरीर स्वर्ण की तरह चमकीला है और मस्तक पर घंटे के आकार का अर्धचंद्र बना है. उनके दस हाथ हैं. हाथों में वे त्रिशूल, तलवार, खड्ग और गदा आदि शस्त्र धारण करती हैं और बाघ की सवारी करती हैं. पौराणिक कथा के अनुसार दैत्यों और असुरों के साथ युद्ध में देवी ने घंटों की टंकार से ही असुरों का नाश कर दिया था. माता की पूजा का शुभ मुहूर्त चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि 3 मार्च 2023 की शाम 06.20 से शुरू हो चुकी है और 24 मार्च 2023, शाम 04.59 बजे समाप्त होगी. आज पू...