मकर संक्रांति क्या है और इसे क्यों मनाया जाता है? वेदों में, संक्रांति सूर्य की गति को एक राशि (राशि चक्र का नक्षत्र) से अगले तक बताती है। अतः एक वर्ष में 12 संक्रान्तियाँ होती हैं। इनमें से, मकर संक्रांति को 'पौष संक्रांति' भी कहा जाता है, जिसे सबसे शुभ माना जाता है और यह उन कुछ हिंदू त्योहारों में से एक है, जो सौर चक्र के अनुरूप हैं। मकर संक्रांति का महत्व सिर्फ इसके धार्मिक महत्व तक ही सीमित नहीं है। वास्तव में, त्योहार फसल के मौसम की शुरुआत का भी प्रतीक है जब नई फसलों की पूजा की जाती है और उन्हें खुशी के साथ बांटा जाता है। यह मौसम में बदलाव की शुरुआत करता है, क्योंकि इस दिन से सूर्य दक्षिणायन (दक्षिण) से उत्तरायण (उत्तर) गोलार्द्ध में अपनी गति शुरू करता है, जो सर्दियों के आधिकारिक अंत को चिह्नित करता है। एक धार्मिक अवसर और एक मौसमी अनुष्ठान दोनों, यह अवसर सूर्य के मकर राशी (मकर राशि चक्र) में पारगमन को भी चिह्नित करता है। आयुर्वेद के अनुसार मकर संक्रांति का पारंपरिक अर्थ और महत्व हिंदू शास्त्रों के अनुसार, मकर संक्रांति के दिन, भगवान विष्णु ने राक्षसों द्वारा उनके सिर काटकर...